बसपा से निष्कासित सियासी दिग्गजों का सायकिल पर सवार होने की अटकलें हुई तेज 

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बसपा से निष्कासित सियासी दिग्गजों का सायकिल पर सवार होने की अटकलें हुई तेज 

सपा सुप्रीमो से भेंटकर बढ़ायी सियासतदां की धड़कने …

आसन्न विधानसभा में सभी दलों के दावेदारों की समीकरण बिगड़े ….

विनोद वर्मा / विजय चौधरी

लखनऊ। बसपा से निष्कासन के उपरान्त जनपद अम्बेडकर नगर  के दो दिग्गज सियासी हस्तियों की आज सपा सुप्रीमो से मुलाक़ात की खबर सार्वजनिक हुई । वैसे इस मुलाक़ात को नेता द्वय द्वारा मात्र औपचारिक ही बतायी जा रही है । पर इस आशय की सूचना इन नेताओं के गृह जनपद से बार बार आने लगी है । जिसको आज की इस मुलाक़ात से और बल मिल गया ।

कभी बसपा के  थिंक टैंक माने जाने वाले जनपद अम्बेडकर नगर अन्तर्गत अकबरपुर विधानसभा  विधायक पूर्व कैबिनेट मंत्री राम अचल राजभर एवं कटेहरी विधानसभा विधायक पूर्व वित्त मंत्री मंत्री लालजी वर्मा  आज शुक्रवार को राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में सपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से  शिष्टाचार भेंट की गयी ।  गत दिनों बसपा से निष्कासन का दंश झेल रहे के इस मुलाकात से इस अंदेशे को और अधिक बल मिला है कि उक्त द्वय नेताओं ने अपने अगले सियासी आशियाना  समाजवादी को बनाने को उत्सुक हैंं ।

विदित हो कि बहुजन समाज पार्टी में लगभग तीन दशक से निष्ठापूर्वक राजनीति कर रहे दोनों नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महासचिव रह चुके अकबरपुर के अपराजित  विधायक राम अचल राजभर एवं बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व वित्तीय व संसदीय मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके कटेहरी विधानसभा विधायक लालजी वर्मा को बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो सुश्री मायावती ने अप्रत्याशित रूप से  पंचायत चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता का तोहमत लगाकर  बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित कर दिया था । अपने गृह जनपद से लेकर अन्य प्रांतों में अपनी जनता के बीच गहरी साख रखने वाले इन दिग्गजों के निकलते ही बसपा को भी भारी क्षति देखने को मिली है । पंचायत चुनाव से तौबा कर चुकी बसपा नेता विहीन होकर मात्र कार्यकर्ताओं पर आ टिकी ।  अपने निष्कासन से हतप्रभ नेता द्वय तभी से अपने अगले सियासी पड़ाव की तलाश में जुट गये ।अपने खोये जनाधार को तलाशना व तराशना शुरू कर दी । पिछड़ी जाति होने के कारण उन्हीं की राजनीति में अपनी जवानी खपा चुके इन नेताओं ने ऐसा ही दल का चुनाव बेहतर माना जो इनके विचारों का सम्मान कर सके । जो    तलाश लगभग अब पूरी होने की राह पर  है। वैसे राजनीति और क्रिकेट में अन्जाम पर दावा करना बेईमानी माना गया है । पर समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव से यह शिष्टाचार भेंट इसी रणनीति एवं तलाश का हिस्सा माना जा सकता है ।

इनके मिले  विशेष सूत्रों की माने तो अगले माह अंबेडकरनगर जनपद के शिव बाबा में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की जनसभा प्रस्तावित है। जिसमें इन नेताओं द्वारा अपने व्यापक जनाधार का प्रदर्शन कर उसी जनसभा में  बाकायदा समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। दोनों पूर्व मंत्री विधायक अपनी कुबत का भी सपा मुखिया को एहसास कराना चाहते हैं। लिहाजा प्रस्तावित जनसभा में दोनों नेता अभी से अपने गृह जनपद में ताबड़तोड़ जनसभा कर भारी भीड़ जुटाने में जुट गयें हैंं । ज्ञात हो अकबरपुर विधायक  राम अचल राजभर अपनी राजनीति शुरू से ही बहुजन समाज पार्टी से ही शुरू की थी और लगभग तीन दशक की लम्बी पाली खेलते हुए एक अपराजित विधायक  रहे हैं।बसपा सुप्रीमो के अति करीबी बनकर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों व पदों का सफलतापूर्वक निष्ठा से निर्वहन किया एवं  पूर्व मंत्री कटेहरी विधायक लालजी वर्मा समाजवादी पार्टी की सियासत से वाकिफ है। समाजवादी पार्टी के गठन के पूर्व लालजी वर्मा जनता दल के जरिए सियासत अपनी सियासत शुरू करने वाले पूर्व मंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रहे स्वर्गीय बेनी प्रसाद वर्मा के बेहद करीबी माने जाने वाले लालजी वर्मा को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने ही विधान परिषद में भेजा था। लिहाजा सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव एवं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से पूर्व मंत्री लालजी वर्मा का लगाव लाजमी है। बसपा में अपनी योग्यता व बुद्धिमता के बल पर लालजी वर्मा वित्त व संसदीय मंत्री जैसे अति महत्वपूर्ण पदों का सफलतापूर्वक निर्वहन किये । इन नेताओं के निष्कासन के उपरान्त जहाँ बसपा से बैकवर्ड का मोहभंग हो गया लगता है वहीं वह अर्श से फर्श आ चुकी बसपा पंचायती चुनाव में हिस्सा लेने की हिम्मत ही नहीं जुटा पायी । फिलहाल रामअचल व लाल जी की सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से हुई यह  शिष्टाचार भेंट मात्र शिष्टाचार ही बनकर रहेगी या आगे अपना मुकम्मल मुक़ाम तय करेगी ! यह तो अभी भविष्य के गर्भ में है । पर इतना तो तय है कि इस मुलाक़ात ने पूरे सूबे की सियासत में तूफ़ान खड़ा कर दिया है ।सभी दलों के आसन्न विधानसभा में दावेदारों की गणित बनने बिगड़ने लगें हैंं ।

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