किसानों को नहीं मिल पा रहा अपनी उपज का वाजिब मूल्य बिचौलियों के हाथ लुट रहे किसान

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मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं खरीद की एक स्याह हकीकत यह भी…
क्रय केंद्र प्रभारियों व्यापारियों बिचौलियों के मजबूत काकस से अन्नदाता किसान बेहाल

किसानों को नहीं मिल पा रहा अपनी उपज का वाजिब मूल्य बिचौलियों के हाथ लुट रहे किसान

आलापुर अंबेडकरनगर। आलापुर तहसील क्षेत्र के रामनगर एवं जहांगीर गंज विकासखंड में खोले गए गेहूं क्रय केंद्र सफेद हाथी साबित हो रहे हैं गेहूं क्रय केंद्र प्रभारियों व्यापारियों एवं बिचौलियों के हाथों अन्नदाता किसान लुटने को विवश है अन्नदाता किसानों को उनके उपज का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान अपनी उपज बेचने के लिए क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं केंद्रों पर धन एवं बोरों की उपलब्धता के बावजूद किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। बिचौलियों के माध्यम से किसान अपनी उपज औने पौने दाम पर व्यापारियों के हाथ बेचने को विवस है ।किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी कही कोई सुनवाई नहीं हो रही है व्यापारी 14 सौ रुपये में गेहूं किसानों से खरीद कर 17 सौ रुपए में बेच रहे हैं शेष रसम क्रय केंद्र प्रभारी एवं कर्मचारी हजम कर जा रहे हैं।वहीं परेशान किसान मुख्यमंत्री पोर्टल अगर शिकायत की जा रही तो फर्जी रिपोर्ट लगाकर निपेक्षित कर दिया जा रहा है यह शिकायत अन्नापुर क्रय केंद्र की है हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य अनिल सिंह नें इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की वगैर सम्पर्क किये ही फर्जी रिपोर्ट लगा कर शिकायत निपेक्षित कर दी गईं की फोन किया गया फोन रिसीव नहीं किया गया इस लिए समाधान नहीं हो पाया यह हालत अन्नापुर क्रय केंद्र की है जब की कोई फोन नहीं किया गया अनिल सिंह नें कहा की उनके गाँव में अभी तमाम किसानो के गेहूँ का विक्रय नहीं हुआ है अन्नापुर क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा किसानों को परेशान किआ जा रहा है. किसान इधर उधर घूमता फिर रहा है सर्वाधिक बिसम स्थिति रामनगर एवं जहांगीरगंज विकासखंड की है जहां अधिकांश सहकारी समितियां घपलोंएवं घोटालों के कारण बंद पड़ी है जीन साधन सहकारी समितियों पर गेहूं की खरीद हो रही है वहां किसानों के बजाय व्यापारियों काही गेहूं खरीदा जा रहा है किसानों का आरोप है कि व्यापारी कर्मचारियों की मिलीभगत से तमाम ऐसे किसानों की खतौनी फीड करा कर अपना गेहूं बेच रहे हैं जिन्होंने गेहूं की फसल का उत्पादन कियाज कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इसे जांचने की जहमत ही नहीं उठाना चाह रहे हैं जिसकेके कारण अन्नदाता किसान बिचौलियों के हाथ लुटने को विवश है।

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