कैम्प कार्यालय से सम्बद्धता में भी खास दरियादिली दिखायी गयी , डी एम के रसूखदार स्टोनो पर ….

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कैम्प कार्यालय से सम्बद्धता में भी

खास दरियादिली दिखायी गयी , डी एम

के रसूखदार स्टोनो पर ….

आठ वरिष्ठ लिपिको को दरकिनार कर

किया गया सम्बद्ध ….

विनोद वर्मा / संपादक

अम्बेडकरनगर। जिलाधिकारी अम्बेडकर नगर के बाहुबली व रसूखदार स्टोनो के काले कारनामों के चिट्ठे अब परत दर परत खुलने लगे हैंं ।
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिलाधिकारी के स्टोनो की काले कारनामे परत दर परत खुलने लगें हैंं। दशकों से एक ही पटल पर जमे रहकर अपना एकाधिकार निरंकुश साम्राज्य स्थापित करने के साथ ही साथ अपने अकूत अवैधानिक कमाई के बदौलत नियम विरुद्ध वातानुकूलन से लैस , विलासितापूर्ण जिन्दगी का शौक पाले राजस्व में भी प्रभावशाली दखलंदाजी कर देखते ही देखते बेशकीमती जमीन का स्वामी बन बैठा। यही नहीं इसने अपनी नियुक्ति से ही अपने काले कारनामों को अन्जाम देना शुरू कर दिया था। फिर अपनी मोटी कमाई के बदौलत लोगों के ईमान बिकते गये और स्वजातीय सुरक्षा कवच की डील भी लम्बी और काफी मजबूत हो चली । जिससे इंसाफ़ की मांग करने वालों की आवाज इसके वहशी नक्कारखाने के नीचे दबने व दबाये जाने लगे।
विश्वसनीय सूत्र बताते हैंं कि नियुक्ति के समय जनपद में मात्र दो स्टोनो हरदेव सिंह (अनुसूचित जाति ) जिनकी क्रम संख्या 11,व नियुक्ति तिथि 17/07/1996 एवं दूसरे बब्बन सिंह (सामान्य जाति )रहे। जिनकी क्रम संख्या 22 व नियुक्ति तिथि 04/05/2003 रही। यही नहीं वरिष्ठता क्रम में भी बब्बन सिंह अपने वरिष्ठ हरदेव सिंह से आठ पायदान नीचे थे। फिर भी तत्कालीन विभाग द्वारा तथ्यगोपन व कूटरचित कर साजिशन एक अनुसूचित जाति के हक़ को दरकिनार कर संवैधानिक परम्परा की धज्जी उड़ायी गयी। इस कूटरचित कृत्य में विजयी हुए उक्त स्टोनो का शातिराना दिमाग़ बुलन्द हो चला और नित नये काले कारनामों को अन्जाम देकर एक ओर जहाँ अपने पास अकूत सम्पत्ति हासिल करने में सफल हुआ वहीं दूसरी तरफ़ अपनी नाजायज़ कमाई के बल पर अपनी सुरक्षा कवच अपने स्वजातियों को बनाकर दूसरी जातियों को अपमानित कर निरंकुश व अभेद्य दुर्ग में सुरक्षित हो चला ।
पर जनपद अम्बेडकर नगर वासी नवागत कर्तव्यपरायण युवा व न्याय प्रिय एवं स्नेह प्रिय जिलाधिकारी से पुनः तत्कालीन जिलाधिकारी रहे निधी केशरवानी व पंकज यादव जैसा न्याय की आस लगा बैठा कि शायद इस सामंती मानसिकता से त्रस्त जनपद वासियों को निजात मिल सके।

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