यह कैसा समाजवाद ? आधी आबादी को दिखाया गया तिरस्कार का आईना …

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यह कैसा समाजवाद ? आधी आबादी को दिखाया गया तिरस्कार का आईना …

समाजवादी महिला घेरा कार्यक्रम में नहीं मिली महिला को उचित तरजीह …

होर्डिंग व बैनर में भी एक अदद चित्र के महरूम रही महिला …

प्रथम महिला राज्यपाल सरोजनी नायडू के नाम पर आयोजित हुआ कार्यक्रम !

विद्यावती राजभर के नेतृत्व में आयोजन का प्रदेश संगठन का रहा निर्देश ….

पुरुष वर्ग का रहा आधिपत्य,

विनोद वर्मा / विजय चौधरी

अम्बेडकरनगर। सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर प्रदेश व्यापी जिला मुख्यालयों पर आज समाजवादी महिला घेरा कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।


सूबे की सत्ता को घेरने के लिए उत्तर प्रदेश की प्रथम राज्यपाल रहीं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रीमती सरोजनी नायडू की जयंती “राष्ट्रीय महिला दिवस ” पर आज जनपद अम्बेडकर नगर मुख्यालय के संविधान निर्माता डॉ .भीमराव अम्बेडकर के प्रतिमा के नीचे समाजवादी महिला घेरा का आयोजन किया गया । जिसमें महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों के ग्राफ , स्वास्थ्य सेवाओं में कमी , नौकरियों में वेतन विसंगतियों , शिक्षिका , आशा , आंगनबाड़ी , महिला पेंशन सहित अन्य मूलभूत समस्याओं पर विस्तृत प्रकाश उपस्थित वक्ताओं द्वारा डाला गया , साथ सपा शासन में महिलाओं के लिए चलायी गयी कल्याणकारी योजनाओ का जमकर बखान किया गया ।
एक तरफ आज की महिला अपने बुलंदी का नित नया आयाम हासिल कर रहीं हैंं । आज के दौर में वे किसी भी मामले में पुरुष से पीछे नहीं रहीं । देश की सरहद से , हवाई जहाज के पायलट ही अंतरिक्ष पर अपनी बुलंदी का परचम लहरा चुकीं महिलायें जहां पुरुष के कंधे से कंधा मिलाकर हर मुकाबले में डटी हैंं । वहीं समाजवाद के प्रणेता डॉ .राम मनोहर लोहिया के सरज़मीं पर महिला दिवस के नाम पर आयोजित किये गये उक्त कार्यक्रम में जनपद के समाजवादियों द्वारा आधी आबादी की उपेक्षा इस कदर की गयी कि कार्यक्रम की अध्यक्षता को कौन कहे कार्यक्रम में टांगें गये बैनरों से भी सरोजनी नायडू सहित , महिला प्रदेश अध्यक्ष गीता सिंह , डिम्पल यादव , कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहीं विद्यावती राजभर सहित सभी महिला का नाम व चित्र नादारद रहा । जो कौतूहल का कारण अंतिम समय तक बना रहा ।

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