कायाकल्प के नाम पर सरकारी धन का हो रहा है बंदरबांट ….

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कायाकल्प के नाम पर सरकारी धन का हो रहा है बंदरबांट .

चहारदीवारी विहीन विद्यालय में घटिया टाइल्स से खानापूर्ति कर बनाया जा रहा है लाखों का बजट ….

विजय चौधरी /सह संपादक

अम्बेडकरनगर। सरकार के समानान्तर चल रहे भ्रष्टाचारियों की पकड़ भी काफी गहरी हो चली है । सरकार भले ही नित नये जारी कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का दावा करे ! पर भ्रष्टाचार रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है ।
ऐसा ही एक मामला शिक्षा क्षेत्र कटेहरी में सामने आया है । शिक्षा क्षेत्र कटेहरी स्थित प्राथमिक विद्यालय यरकी प्रथम , पिछड़ा व अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में स्थापित देश की आजादी से पहले अपने अस्तित्व में आया । आजादी के सात दशक बीत जाने के उपरान्त आज भी चहारदीवारी विहीन उक्त विद्यालय अपने एक अदद सम्पर्क मार्ग के लिए तरस रहा है । हमारे देश के संविधान विद से निर्वाचित जनप्रतिनिधि की कितनी बेहतर सोच है कि उक्त ग्राम सभा के नागरिकों के मौलिक अधिकारों अभीतक हनन व शोषण करते चलें आ रहें हैंं , ए तथाकथित विकास पुरुष ।


भ्रष्टाचार के पराकाष्ठा का आलम यह है कि वर्ष 1947 में स्थापित उक्त विद्यालय जो अभीतक एक अदद सम्पर्क मार्ग के लिए तरस रहा है । चहारदीवारी भी ध्वस्त है , फिर भी पंचायत विभाग द्वारा कायाकल्प योजना से आच्छादित करने का संकल्प लिया गया । औपचारिकता इस कदर पूरी किया जा रहा है गुणवत्ता विहीन टाइल्स का लेपन कर सरकारी बजट का लाखों का चूना लगाने की व्यवस्था बन चुकी है । जबकि शासनादेश में स्पष्ट निर्देशित है कि उसी विद्यालय में टाइल्स लगायी जाय , जो विद्यालय चहारदीवारी से पूर्णतया घिरा हो । जिससे फर्श व टाइल्स सुरक्षित रह सके । पर पंचायत विभाग के बुनियाद में समा चुकी भ्रष्टाचार सारे कायदे कानून को ताख पर रखकर लूट की जुगत में हमेशा जुटी हुई है ।

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