इस मरतबा ईद में गले नहीं लग सकेंगे लोग , शारीरिक दूरी के साथ मनेगी ईद

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इस मरतबा ईद में गले नहीं लग सकेंगे लोग …

शारीरिक दूरी के साथ मनेगी ईद….

विजय चौधरी /सह संपादक

अम्बेडकर नगर । नजाकत नफासत के शहर के लखनऊ की हर गली शनिवार की शाम से ही चांद के दीदार के लिए आसमान की ओर से टकटकी लगाए देख रही थी। हर कोई खुले आसमान में चांद की एक झलक पाने को बेकरार था। मरकजी चांद कमेटियों ने जब देर शाम चांद न दिखने का एलान किया तो एक ओर से रोजेदारों में ईद न होने की उदासी थी तो दूसरी ओर 30वें रोजे पर एक दिन और अल्लाह की इबादत करने का मौका मिलने की खुशी भी थी। 30 दिन का रोजा रहने का मौका मिलने पर रोजेदारों ने एक दूसरे को फोन पर बधाई दी। सोमवार को ईद होने से तैयारियों का समय मिलने का इत्मीनान भी रोजेदारों में नजर आया।इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि शनिवार को चांद नहीं दिखाई दिया। जिसकी वजह से ईद अब सोमवार को होगी। ऐसे में रोजेदार 30 वीं रमजान पर एक दिन का रोजा रविवार को भी रख सकेंगे। मौलाना ने नमाज के साथ ही अल्लाह से समाज को कोरोना से महफूज करने की दुआ मांगी । उन्होंने ईद पर गले न मिलने और सोशल मीडिया के माध्यम से मुबारक बाद देने और घर में परिवार के साथ ईद की खुशियां मनाने की गुजारिश भी की है। शिया धर्मगुरु और इमाम-ए-जुमा मौलाना कल्बे जवाद ने सभी को सोमवार को ईद के मुबारक दिन शारीरिक दूरी बनाकर नमाज घरों में नमाज पढ़ने और गले लगाने से परहेज करने की गुजारिश की है। उन्होंने बताया कि मजलिस-ए-उलमाए हिंद की वेबसाइट पर लाइव होगी ईद की नमाज लाइव होगी। सुबह 11 बजे से नमाज अदा की जाएगी। घर पर ही रहकर सभी लोग नमाज अदा करें और प्रशासन की गाइड लाइन का अनुपालन करें । लाइव के ज़रिए अकेले की नीयत से लोग नमाज़ अदा कर सकते हैं। ईद के लिए हमेशा से ही रहा है कि पहले गरीबो की मदद करे फिर खुद ईद मनाएं। ऐसे में इस बार भी इसका खास ख्याल रखें। अच्छे-अच्छे पकवान खाने से अच्छा है की गरीब की मदद करें।

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