Lawrence Bishnoi Admitted He Is The Mastermaid In Musewala Murder, Claims Punjab Police – लॉरेंस बिश्नोई ने स्वीकारा वही है मूसेवाला हत्याकांड में मास्टरमाइड, पंजाब पुलिस का दावा

1 min read

'लॉरेंस बिश्नोई ने स्वीकारा वही है मूसेवाला हत्याकांड में मास्टरमाइड', पंजाब पुलिस का दावा

लॉरेंस बिश्नोई को पंजाब पुलिस पिछले हफ्ते दिल्ली से लेकर पहुंची है

चंडीगढ़:

पंजाब पुलिस के एडीजीपी प्रमोद बान ने बृहस्पतिवार को कहा कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने स्वीकार किया है कि वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड था और पिछले अगस्त से इसकी योजना बना रहा था. गैंगस्टर रोधी कार्यबल के प्रमुख बान ने कहा कि एक अन्य आरोपी बलदेव उर्फ ​​निक्कू को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया.शुभदीप सिंह सिद्धू, जिन्हें सिद्धू मूसेवाला के नाम से जाना जाता था, की पंजाब के मानसा जिले में 29 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इससे एक दिन पहले पंजाब सरकार ने गायक और 423 लोगों के सुरक्षा कवर में कटौती की थी.

यह भी पढ़ें

बान ने कहा, ‘‘हमने हाल ही में लॉरेंस बिश्नोई को इस मामले में गिरफ्तार किया था और उसका रिमांड 27 जून तक बढ़ा दिया गया था. उसने स्वीकार किया है कि वह (मूसेवाला की हत्या में) मास्टरमाइंड था.”एडीजीपी ने कहा, ‘‘हत्या को अंजाम देने की साजिश पिछले साल अगस्त से रची जा रही थी. हमारी जानकारी के मुताबिक, तीन बार रेकी की गई थी. जनवरी में भी शूटर का एक अलग समूह मूसेवाला को मारने आया था, लेकिन सफल नहीं हुआ.”

उन्होंने यह भी कहा कि मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल किए गए वाहन में फतेहाबाद स्थित एक पेट्रोल पंप की 25 मई की एक रसीद मिली थी, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने कड़ियों को जोड़ा.बान ने कहा, ‘‘फतेहाबाद पेट्रोल पंप से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज से हमने आरोपी प्रियव्रत उर्फ ​​फौजी की पहचान की. हमने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और पूरी साजिश का खुलासा हो गया है.”

मानसा की एक अदालत ने गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में पूछताछ के लिए पिछले सप्ताह दिल्ली से पंजाब पुलिस द्वारा लाए गए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का पुलिस रिमांड बढ़ा दिया था. दिल्ली पुलिस ने मामले में दो शूटर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. अधिकारियों ने सोमवार को कहा था कि उनमें से एक घटना के समय कनाडा में रह रहे गैंगस्टर गोल्डी बरार के संपर्क में था.

 

महाराष्ट्र संकट : पार्टी पर उद्धव ठाकरे की पकड़ क्यों कमजोर पड़ती जा रही है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *