Congress Is Over In Gujarat, Now The Fight Between BJP And Aam Aadmi Party: AAP Leader Isudan Gadhvi – गुजरात में कांग्रेस खत्म, अब मुकाबला भाजपा और आम आदमी पार्टी का : आप नेता इसुदान गढ़वी

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अहमदाबाद:

Gujarat Elections: आने वाले समय में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस बार यहां एक नई पार्टी आई है, आम आदमी पार्टी. बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के अलावा ‘आप’ भी इस बार मैदान में है. क्या इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) को एक विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है? आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव और पूर्व पत्रकार इसुदान गढ़वी ने एनडीटीवी से कहा कि आम आदमी पार्टी गुजरात की उम्मीद है, गुजरात का विश्वास है. 

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उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसा लग रहा है कि आम आदमी पार्टी आएगी तो हमारा कुछ भला करेगी. बेरोजगारों, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को उम्मीद जगी है. गरीबों में उम्मीद जगी है. 

गढ़वी ने कहा कि जब गुजरात में चुनाव आते हैं तो प्रधानमंत्री हर 15 दिन या महीने में आने लगते हैं. जब वे गुजरात से केंद्र में जा रहे थे तब उन्होंने वादे किए थे, प्रतिबद्धताएं जताई थीं. किसानों से कहा था आय दोगुनी करेंगे. अब कुछ बोल नहीं रहे हैं. बेरोजगार युवा पूछ रहे हैं, उनसे दो करोड़ नौकरियों की बात कही थी. 

उन्होंने कहा कि भाजपा वाले लोगों ने भ्रष्टाचार किया है. अब प्रधानमंत्री के भाषणों में वह वह विश्वास नहीं दिख रहा जो पहले दिखता था. वे विश्वास गंवा चुके हैं, गुजरात की जनता को क्या मुंह दिखाएं. प्रधानमंत्री इसलिए आते हैं कि सरकारी खर्चे पर सब प्रचार हो जाए. जब तक चुनाव घोषित नहीं होते तब तक वे रैलियां, सभाएं कर रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि भाजपा से लोग त्रस्त हैं. एंटी इनकम्बेंसी बहुत है. महंगाई बढ़ रही है. भाजपा ने जो कहा था उससे उल्टा किया. काला धन वापस लाने का कहा था, आठ साल में काला धन ज्यादा हो गया. 

गढ़वी ने कहा कि आम आदमी पार्टी अब गुजरात में दूसरा विकल्प है. यहां कांग्रेस तो खत्म है. अब लड़ाई भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच है. उन्होंने कहा कि 2017 में कांग्रेस बहुत मजबूत थी. वह दो बार सत्ता में नहीं आ सकी. 2017 और उससे पहले 2007 में भी उसे मौका मिल रहा था. लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने सत्ता भाजपा को दे दी. इसके चलते लोगों का कांग्रेस पर विश्वास नहीं है. 

उन्होंने कहा कि 2015 में 31 डिस्ट्रिक्ट पंचायत थीं उसमें से 25 में कांग्रेस और दो में टाई हुआ था, यानी उसकी 27 थीं. 2021 के स्थानीय निकाय के चुनाव में एक भी जगह कांग्रेस नहीं है. जिले के अलावा तहसील में भी कांग्रेस नहीं है. कहा जाता था गांव की पार्टी कांग्रेस और शहर की पार्टी भाजपा है, लेकिन अब गांव में भी कांग्रेस नहीं है. कांग्रेस के आधे एमएलए भाजपा में चले गए हैं. 

उन्होंने कहा कि भाजपा ने 27 साल में गुजरात को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी. गुजरात पर साढ़े तीन लाख करोड़ का कर्जा है. यदि आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो हमें चार साल तो यह कर्जा उतारने में लगेंगे.

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