Killing-suicides By Pilots Created Trouble For Airlines, Such Increased Death Figures – पायलटों द्वारा हत्या-आत्महत्या एयरलाइंस के लिए बनी परेशानी, ऐसे बढ़े मौत के आंकड़े

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पायलटों द्वारा हत्या-आत्महत्या एयरलाइंस के लिए बनी परेशानी, ऐसे बढ़े मौत के आंकड़े

दशकों से कॉमर्शियल एयरलाइन (Airline) की यात्रा को सुरक्षित माना जाता रहा है. लेकिन मौतों के लिए कभी- कभी पायलट (Pilot) खुद ही जिम्मेदार होते हैं. ऐसे पायलट जो जानबूझकर किसी की हत्या या आत्महत्या (suicide) की वजह से विमान को दुर्घटनाग्रस्त करवा देते हैं.मार्च में चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस कॉर्प के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों की जांच करने वाली टीम से जुड़े एक व्यक्ति ने ब्लूमबर्ग न्यूज़ एजेंसी से कहा कि प्रारंभिक साक्ष्य से पता चलता है कि हो सकता है कि यह दुर्घटना पायलट द्वारा जानबूझ कर की गई हो. इसमें हत्या या आत्महत्या के एंगल को नकारा नहीं जा सकता है. अगर इसकी पुष्टि हो जाती है तो यह 2013 के बाद से इस तरह की चौथी घटना होगी, जिसमें अभी तक करीबन 554 लोगों की मौत हो चुकी है.

 

एक तरफ विमानों का सुरक्षा-तंत्र अधिक विश्वसनीय होता जा रहा है और पायलटों से गलती करने की संभावना भी कम होती जा रही है. ऐसे हालात में हत्या-आत्महत्या के कारण होने वाली मौतें कुल मौत का एक बड़ा हिस्सा बनती जा रही हैं. यह हकीकत है कि जानबूझकर किए गए कृत्यों को पारंपरिक रूप से एयर-क्रैश आंकड़ों में शामिल नहीं किया जाता है. बहरहाल, ब्लूमबर्ग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार यदि उन एयर-क्रैश को शामिल कर लिया जाता है तो वे दुनिया भर में होने वाली मौतों की दूसरी सबसे बड़ी श्रेणी होगी. आंकड़ों के मुताबिक, 2012 से 2021 तक पश्चिमी निर्मित जेट विमानों पर पायलट त्रुटि, यांत्रिक विफलताओं या अन्य कारणों से 1,745 लोगों की मृत्यु हुई.

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यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड के पूर्व ह्यूमन – बिहेवियर (मानव-व्यवहार) अन्वेषक मैल्कम ब्रेनर ने कहा,” “यह डरावना है और चिंता का एक प्रमुख कारण भी. उद्योग को इसे संबोधित करने की आवश्यकता है.” मैल्कम ब्रेनर ने 1999 की इजिप्टएयर फ्लाइट 990 क्रैश की जांच पर काम किया था. उस क्रैश को जानबूझकर अंजाम दिया गया था. बहरहाल, ये जरूरी है कि मानसिक-स्वास्थ्य देखभाल में सुधार की जाए. लेकिन जिन लोगों ने जेटलाइनर पर एक ही समय में खुद को और दूसरों को मारने का फैसला कर लिया है वे इस योजना की सुराग अपने सहकर्मियों, दोस्तों या परिवार के साथ साझा नहीं करते हैं. 

बोइंग कंपनी की एविएशन सेफ्टी नेटवर्क और दुर्घटना रिपोर्ट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2001 से 2010 के बीच पश्चिमी निर्मित जेट विमानों पर लगभग 5,005 लोगों की मृत्यु हुई थी. लेकिन इसके अगले दशक में ये आंकड़ा 1,858 तक गिर गया. बोइंग के अनुसार, एक घातक दुर्घटना में विमान के किसी व्यक्ति के शामिल होने की संभावना 10 मिलियन में से एक है.

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