Protests Against Agneepath Yojana Also Took Place In Uttar Pradesh: Operation Of Many Trains Affected, Hindi News – अग्निपथ योजना के खिलाफ उत्तर प्रदेश में भी हुआ प्रदर्शन : अनेक ट्रेनों का संचालन प्रभावित

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'अग्निपथ योजना' के खिलाफ उत्तर प्रदेश में भी हुआ प्रदर्शन : अनेक ट्रेनों का संचालन प्रभावित

योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे.

लखनऊ:

केंद्र की ‘अग्निपथ’ योजना (Agnipath Yojna) के विरोध में गुरुवार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विभिन्न जिलों में युवाओं ने प्रदर्शन किया. इसकी वजह से वाराणसी रेल मण्डल के विभिन्न खण्डों की करीब 21 रेलगाड़ियों (Trains) का संचालन प्रभावित हुआ. अलीगढ़ और मथुरा में नौजवानों ने योजना के खिलाफ रास्ता जाम किया, बलिया में युवाओं के प्रदर्शन के कारण स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस को रोकना पड़ा. वहीं, फिरोजाबाद और बुलंदशहर में नौजवानों ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की. उधर, सरकार ने विभिन्न जिलों के प्रशासन से कहा है कि ‘अग्निपथ’ योजना का विरोध करने वाले युवकों को सही तथ्यों से अवगत कराया जाये तथा किसी भी प्रकार से उन्हें माहौल खराब करने की इजाजत न दी जाय.

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पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक ‘अग्निपथ योजना’ के खिलाफ धरना-प्रदर्शन के कारण वाराणसी मण्डल के गोरखपुर-छपरा, छपरा-बलिया, सीवान-थावे, छपरा-मसरख-थावे, वाराणसी-गाजीपुर और वाराणसी-प्रयागराज रेल खण्डों पर 21 रेलगाड़ियों का संचालन ठप हो गया, जो समाचार लिखे जाने तक शुरू नहीं हो सका. राष्ट्रीय लोकदल ने ‘अग्निपथ योजना’ से युवाओं को होने वाले ‘नुकसानों’ की जानकारी देने के लिये 28 जून से 16 जुलाई तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ‘युवा पंचायतें’ आयोजित करने की घोषणा की है. मथुरा से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, अग्निपथ योजना के विरोध में फरह तथा आसपास के गांवों के युवकों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रास्ता जाम कर दिया.

पुलिस उपाधीक्षक धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि करीब 200 युवकों ने अग्निपथ योजना के विरोध में आगरा-दिल्ली राजमार्ग पर रास्ता जाम किया. हालांकि उन्हें समझा-बुझाकर हटा दिया गया और करीब आधे घंटे बाद जाम समाप्त हो गया. अलीगढ़ से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, गभाना थाना क्षेत्र में कुछ युवाओं ने अलीगढ़-गाजियाबाद राजमार्ग पर कुछ देर के लिये रास्ता जाम किया. मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने प्रदर्शन कर लोगों को आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्या को सम्बन्धित अधिकारियों तक पहुंचायेंगे. पुलिस अधीक्षक (नगर) कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि इसी तरह महुआखेड़ा इलाके में भी कुछ युवकों ने ‘अग्निपथ योजना’ के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए रास्ता जाम किया. हालांकि कुछ ही देर बाद जाम समाप्त हो गया.

उधर, फिरोजाबाद से पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अखिलेश नारायण के हवाले से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, केन्द्र सरकार की ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में पालीवाल डिग्री कॉलेज के छात्र समूह बनाकर नारेबाजी करते हुए थाना शिकोहाबाद स्थित सुभाष चौराहे पर पहुंचकर रास्ता जाम करने का प्रयास कर रहे थे, मगर उन्हें पहले ही रोक लिया गया और समझा-बुझाकर वापस भेज दिया गया. बलिया के रसड़ा इलाके में युवाओं के प्रदर्शन के कारण वाराणसी-छपरा रेल प्रखंड पर दिल्ली से जय नगर जा रही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस को बलिया रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा. पुलिस सूत्रों के अनुसार, रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के कोटवारी मोड़ पर कुछ युवकों ने केन्द्र की ‘अग्निपथ योजना’ के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की. प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर उप जिलाधिकारी सर्वेश कुमार यादव प्रशासनिक व पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शनकारी युवकों से बातचीत कर प्रदर्शन समाप्त कराया. प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन यादव को सौंपा.

उधर, बुलंदशहर में स्थानीय लोगों के अनुसार बुलंदशहर नगर और जिले के खुर्जा इलाके में युवाओं के समूह एकत्र हुए और अग्निपथ योजना को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इस बीच, गृह विभाग द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक शासन द्वारा सभी जिलों में प्रशासन को निर्देश दिये गये हैं कि सेना में भर्ती को लेकर आयी नयी योजना का विरोध करने वाले युवकों को समझाया जाए और सही तथ्यों से अवगत कराया जाये तथा किसी भी प्रकार से उन्हें माहौल खराब करने की इजाजत न दी जाए.

इधर, मेरठ से प्राप्त रिपोर्ट, के मुताबिक राष्ट्रीय लोक दल ने 18 जून को सैन्य बलों में भर्ती की अग्निपथ योजना एवं व्यापक बेरोजगारी के खिलाफ राज्य के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है. पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि पार्टी ने दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी की अगुवाई में 28 जून से 16 जुलाई तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ‘युवा पंचायतें’ आयोजित करने की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि इन पंचायतों के माध्यम से अग्निपथ योजना से युवाओं को होने वाले नुकसान के बारे में चर्चा की जाएगी और सरकार पर इसे वापस लेने के लिये दबाव बनाया जाएगा. वहीं, किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर ‘अग्निपथ’ योजना का विरोध किया.

उन्होंने ट्वीट में कहा ”केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से चार साल बाद सरकारी बेरोजगार अग्निवीरों की फौज तैयार होगी, जो न देशहित में है न समाज हित में. सरकार या तो चार साल बाद अग्निवीरों को बेरोजगारी भत्ता दे या रोजगार की गारंटी.” उल्लेखनीय है कि सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना की मंगलवार को घोषणा की थी, जिसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की लघु अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी. योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे. चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा.

(इस खबर को अवधी खबर टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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