Asaduddin Owaisi Said Up Cm Has Become The Chief Justice Of Court On House Demolition In Prayagraj – “यूपी CM चीफ जस्टिस हो गए”; बुलडोजर कार्रवाई पर भड़के AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी

1 min read

ओवैसी ने योगी सरकार पर साधा निशाना

गुजरात:

पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad) पर की गई विवादित टिप्पणी के विरोध में बीते शुक्रवार को देश में कई जगह उग्र विरोध प्रदर्शन हुए. अब यूपी सरकार आरोपियों पर लगातार कड़ी कार्रवाई करती नजर आ रही है. प्रयागराज (Prayagraj) में हिंसा के आरोपी माने जा रहे मोहम्मद जावेद उर्फ़ जावेद पम्प (Javed Pump) के मकान पर बुलडोजर चलाया गया. इस पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी(Asaduddin Owaisi) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

यह भी पढ़ें

गुजरात में असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की सरकार पर हमला करते हुए कहा कि ‘यूपी के सीएम, अब उत्तर प्रदेश के चीफ जस्टिस बन चुके हैं. वो अब फैसला करेंगे कि किसका घर तोड़ना है.’ ओवैसी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में कोर्ट और अदालतों में ताला लगा देना चाहिए और जजों को कह देना चाहिए कि वो कोर्ट ना जाएं, क्योंकि अब अदालत की कोई जरूरत नहीं है. क्योंकि ये फैसला तो सीएम योगी करेंगे कि आखिरकार मुलजिम कौन है?.

प्रयागराज हिंसा मामले में वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश महासचिव जावेद अहमद अका जावेद पंप को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने दावा किया है कि जावेद के घर से अवैध हथियार बरामद किए गए हैं.  रविवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है. अवैध निर्माण करने के आरोप में जावेद को घर को तोड़ दिया गया है. कार्रवाई से पहले जावेद के घर के बाहर पीडीएस की ओर से नोटिस चिपकाया गया था. 

ये भी पढ़ें: एमएसपी कानून नहीं बना तो किसानों की सरकार से बहुत भयानक लड़ाई होगी: बोले मेघालय के राज्यपाल

जावेद अहमद के घर बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का मामला अब गरमा गया है. वकीलों के एक समूह ने इसको लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है. पत्र में वकीलों की तरफ से कहा गया है कि जिस घर को तोड़ा गया है उसका मालिक आरोपी जावेद नहीं था. घर जावेद की पत्नी के नाम है. घर को ध्वस्त करना कानून के खिलाफ है. आरोपी की पत्नी को अवैध निर्माण की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गयी थी. 

VIDEO: प्रयागराज हिंसा के आरोपी की बेटी ने घर तोड़े जाने पर कहा, ‘अचानक हमारा घर अवैध कैसे हो गया?’ | पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published.

कॉपीराईट एक्ट 1957
के तहत इस वेबसाईट
पर दी हुई सामग्री को
पूर्ण अथवा आंशिक रूप
से कॉपी करना एक
दंडनीय अपराध है

(c) अवधी खबर -
सर्वाधिकार सुरक्षित