गणतंत्र दिवस पर पूर्व घोषित ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा को विफल करने की कमर कस चुका स्थानीय प्रशासन ..

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गणतंत्र दिवस पर पूर्व घोषित ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा को विफल करने की कमर कस चुका स्थानीय प्रशासन ..

आज़ाद भारत में पहली बार गणतंत्र दिवस पर गणतंत्र की आज़ादी पर खाकीधारी का पड़ा पहरा ….

विजय चौधरी /सह संपादक

अम्बेडकरनगर। कृषि प्रधान देश में किसानों की समस्या को लेकर सियासी तूफान तेज हो चला है । केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये कृषि विधेयक बिल की राष्ट्रीय स्तर पर चौतरफा विरोध होना शुरू हो गया है । इस हाड़ कंपाऊ भीषण ठंढक में दिल्ली की सड़कों पर दो महीनों से चल रहे किसानों के धरने प्रदर्शन में अबतक सैकड़ों किसान अपनी ज़ान भी गंवा चुकें हैंं । दर्जनों बार सरकार से वार्ता विफल होने के बाद भी किसानों का उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा है । किसानों के बढ़ते उत्साह व जीवटता को देखते हुए अन्य सियासी दलों सहित संगठनों ने भी अपना समर्थन देना शुरू कर दिया है । सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तो अपना समर्थन देकर धरना प्रदर्शन भी जारी कर दिया है । इसी के साथ सरदार सेना सहित अन्य संगठन भी किसान समर्थन में सड़क पर उतर चुकें है । किन्तु इस आंदोलन में उस समय एक नया मोड़ तब आ गया जब किसानों द्वारा गणतंत्र दिवस के ऐन मौके पर तिरंगा ट्रैक्टर यात्रा का एलान कर दिया । यह फ़रमान होते ही सरकार सहित प्रशासन के हाथ पांव फूल गये । इस ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा में कई अन्य राजनैतिक दल व संगठन भी शामिल हो गये । जिसे विफल करना प्रशासन अपनी चुनौती मानते हुए हर हथकंडे पर उतर चुकी है। वह किसी भी स्तर पर 26 जनवरी के दिन सड़क को ट्रैक्टर विहीन करने को मुस्तैद हो चली है ।गांव गांव जाकर ट्रैक्टर स्वामियों का नम्बर , ट्रैक्टर नम्बर , पता आदि नोट कर उनके नाम से नोटिस तामील कर सीज करने , जुर्माना जैसे तरह तरह हथकंडे पुलिस द्वारा अपनाये जा रहें हैंं सड़क पर नहीं लाने के लिए धमकी दें रहें हैंं । । विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेट्रोल पम्प मालिकों को भी ट्रैक्टरों को डीजल नहीं देने के लिए धमकाया जा रहा है ।


पूर्व कैबिनेट मंत्री राम मूर्ति वर्मा ने सरकार की इस हठधर्मिता का विरोध करते हुए कहा कि शासन एवं प्रशासन पूरी तरह असंवैधानिक रवैया अख़्तियार कर चुकी है । वह स्थानीय प्रशासन को अपनी ढाल बनाकर सत्ता का दुरपयोग करने पर तुली है । भारत कृषि प्रधान देश है , किसानों पर हो रहे अत्याचार पर सपा किसानों के साथ है । इतने सबकुछ के बाद भी सपा द्वारा अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश का पालन करते हुए ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा का प्रदर्शन किया जायेगा । यह बहुत बड़ी विडम्बना है कि एक कृषि प्रधान व लोकतांत्रिक देश में गणतंत्र के पर्व पर गणतंत्र की स्वाधीनता पर खाकीधारी का पहरा लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है । यह इतिहास में पहली बार हो रहा है ।

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