पाकिस्तान में अब चीनी कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं : संपादक आयुष सिंह

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पाकिस्तान में अब चीनी कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं :
संपादक आयुष सिंह

देश विदेश (अवधी खबर)। चीन जिसे अपना दोस्त कहता था आज वही पाकिस्तान उसकी आंखों की किरकिरी बन चुका है, हाल ही में दासु हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले चीनी इंजीनियरों की हत्या इस बात का सुबूत है कि पाकिस्तान में अब चीनी नागरिकों की हत्या भी हो सकती है अर्थात चीन के लोग वहां सुरक्षित नहीं है हाल ही में हुई यह घटना चीन को काफी चिंतित कर दी है जिसके कारण चीनी विदेश मंत्रालय ने एक जांच की टीम पाकिस्तान भेजने का निर्णय लिया है । और वह टीम जल्द ही पाकिस्तान पहुंचने वाली है, चीन में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है । पाकिस्तान की बस जो चीनी इंजीनियरों को पावर प्रोजेक्ट के पास ले जा रही थी उस पर पाकिस्तान के अराजक तत्वों द्वारा बम विस्फोट कर कर्मचारियों की हत्या कर दी गयी ,इसे लोगों के गुस्से के तौर पर भी देखा जा सकता है वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह एक आतंकवादी हमला है इस बात को ले कर माथापच्ची निरंतर बनी हुई है आखिर सच्चाई क्या है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन एक बात तो तय है कि पाकिस्तान में एक चीनी कर्मचारी सुरक्षित नहीं है । अगर यही हाल रहा तो दोनो राष्ट्रों की मित्रता पर दरार पड़ सकती है । चीनी नागरिकों पर यह हमला बंब द्वारा किया गया था । चीन के प्रवक्ता ने बताया कि यही हाल रहा तो पाकिस्तान में चीन को काफी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है |
इस धमाके में चीनी इंजीनियरों की मौत के बाद प्रेस कान्फ्रेंस करने आए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने इसे बम हमला बताया। हालांकि, तब भी पाकिस्तान ने कहा कि एक यांत्रिक विफलता के कारण गैस रिसाव हुआ जिसके कारण विस्फोट हुआ। चीनी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर गुरुवार को एक पोस्ट के अनुसार विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात की और पाकिस्तान से विस्फोट की जांच करने का आग्रह किया। लेकिन, वांग यी ने इस घटना को विस्फोट बताया, हमला नहीं। आखिर पाकिस्तान को यह बात समझना चाहिए कि चीन उसका मित्र देश है और ऐसी घटना उसको चीन से दूर कर सकता अगर चीन पाकिस्तान का सहयोग करना बंद कर दें तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था जो पहले से डगमगा रही है एकदम से चकनाचूर हो जाएगी । लेकिन पाकिस्तान अपने यहां पल रहे आतंकवादियों से मजबूर है , वह चाह कर भी कुछ नहीं कर सकता और जब तक वह आतंकवाद और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा तो ऐसी घटनाएं निरंतर होती रहेगी जो भविष्य में चलकर पाकिस्तान के लिए बहुत ही घातक साबित होंगी विश्व के सामने अलग-थलग पड़ चुके पाकिस्तान के लिए चीन ही एकमात्र सहारा है इसलिए पाकिस्तान को चाहिए कि चीन के लोगों के प्रति ऐसा रवैया कभी न अपनाया जाए कि चीन उससे गुस्सा हो जाए और अपने संबंध तोड़ दे । यदि ऐसा हुआ तो पाकिस्तान के लिए कोई भी देश सामने खड़ा नहीं होगा और पाकिस्तान गर्त के गाल में समा जाएगा ।

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