भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को उनकी जयंती पर शत–शत नमन

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भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को उनकी जयंती पर शत–शत नमन

अम्बेडकरनगर। बाबा साहेब का सम्पूर्ण जीवन प्रेरणास्रोत है।भारत के सामाजिक ,आर्थिक,राजनीतिक सहित सभी क्षेत्रों में अविस्मरणीय योगदान देकर उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माता की संज्ञा पाई। उनके विचार देश प्रेम की प्रेरणा,शिक्षा की महत्ता,महिलाओं की उन्नति,बौद्धिक विकास,धर्म की प्रासंगिकता,कानून व्यवस्था एवम् राजनीति का समन्वय,जीवन संघर्ष और जीने की कला,समानता,समरसता और सदभावना की भावना को जागृत करते हुए एक नए भारत की परिकल्पना करते हैं। भाई चारा,सत्य, अहिंसा, मानवतावाद,ममता और समता का संदेश देने वाले डा आंबेडकर संविधान निर्माता और अच्छे अर्थशास्त्री ही नहीं बल्कि दलितों, शोषितों के नायक भी थे।आज बहुत से लोग उनकी चर्चा करते हैं लेकिन उनके शिक्षाओं पर शायद ही चलना पसंद करते हैं। उनका कहना था कि , ” मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता,समानता और भाई चारा की बात करता है”। जी बी पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान,प्रयागराज के निदेशक डॉ बद्री नारायण का कहना है कि,भारतीय जनतंत्र ने हो उनके नाम में यह शक्ति भर दी है,जिसे लेते ही दलित व हाशिए के समाजों से जुड़ने का द्वार खुल जाता है।भारतीय जनतांत्रिक विमर्शों में आंबेडकर के प्रतीक के बढ़ते प्रभावों ने ” दलितों की आवाज” को शक्तिमान बनाया है। उनके दैनिक जीवन में बदलाव कितना आता है,वह वक्त तय करेगा। उनके विचारों से सहमत होते हुए वंचित समूहों को शक्तिमान बनाने की योजना नेहरू जी के समय ही शुरू हो गई थी।कांग्रेसी प्रधानमंत्री मा मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर,2006 को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम(जिसे 7 सितंबर,2005 को विधान द्वारा अधिनियमित किया गया) प्रारंभ कर दलितों के जीवन स्तर को सुधारने का एक बहुत बड़ा योगदान किया।जिसे आगे चलकर श्री मनमोहन सिंह ने ही


2 अक्टूबर, 2009 को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू किया।यह दलितों,मजदूरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के बाबा साहेब के स्वप्न को साकार करने की दिशा में निर्णायक मोड़ था। डा आंबेडकर श्रमिकों की मजदूरी में स्त्री–पुरुष के भेदभाव को समाप्त करने वालों में अग्रणी थे। उसे भी इस अधिनियम में पूरी तरह से लागू किया गया।सच्चे अर्थों में यही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है बाबा साहेब को। एक अप्रतिम विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, इतिहासकार,दर्शनशास्त्री,मानवतावादी महामानव को विनम्र श्रद्धांजलि।जोहार प्रकृति!जोहार किसान!

………डॉ ओ पी चौधरी
एसोसिएट प्रोफेसर मनोविज्ञान विभाग
श्री अग्रसेन कन्या पी जी कॉलेज वाराणसी।
मो: 9415694678

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