इंडोअरब हेल्पिंग हैंडस् ने ब्लैक फंगस पर एक अवेयरनेस सेमिनार का किया आयोजन

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इंडोअरब हेल्पिंग हैंडस् ने ब्लैक फंगस पर एक अवेयरनेस सेमिनार का किया आयोजन

भोपाल मे बजरंगी भाईजान के नाम से मशहूर सैयद आबिद हुसैन ने भी इस प्रोग्राम मे हिस्सा लिया

भोपाल। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर का प्रभाव अभी पूरी तरह से नियंत्रण में आने भी नहीं पाया था कि भारत में इससे ठीक होने वाले मरीजों कोब्लैक फंगस ने अपनी चपेटमें लेना शुरु कर दिया। ब्लैक फंगस को लेकर अजीब सी भ्रमकी स्थिति है और लोगों के मन में तरह-तरह के प्रश्न उठ रहे हैं। ऐसे में इंडोअरब हेल्पिंग हैंडस् ने ब्लैक फंगस पर एक अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार को ZOOM के जरिए आनलाइन किया गया जिसमें देश विदेश से करीब 100 लोग शामिल हुए और डॉक्टर्स के एक एक्सपर्ट पैनल ने ब्लैक फंगस के उदगम, कारण, निदान, क्या यह संक्रमण मानव से मानव में फैल सकता है, इसके बचाव, लक्षण, उपचार के तरीके इत्यादि चर्चा में शामिल हुए।

जिन डॉक्टर्स ने सेमिनार में हिस्सा लिया उनमें जाने माने डॉ.डी.के.गुप्ता – चेयरमैन फेलिक्स, डॉ.धवल दवे – डी.वाई.पाटिल अस्पताल पुणे एवं डॉ.चेतन गोयल- पारस हेल्थ केयर शामिल थे। मक्का शरीफ में लम्बे समय तक रहे भारतीय मूल के डॉ. अनवर खुर्शीद एवं हैदराबाद से डॉ.नसीह अहमद ने भी चर्चा में भाग लिया। इसके पूर्व मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसदएवं आई.सी.सी.आर. के अध्यक्ष डॉ.विनय सहस्त्रबुद्धे ने इंडोअरब हेल्पिंग हैंडस् की प्रशंसा करते हुए कहा कि वसुधैव कुटुंबकम कासही अर्थ यही है कि आप जहां रहें अपने देश और देशवासियों के लिए समर्पित रहें। दुसरी मुख्य अतिथि न्यूज़-24की एडिटर इन चीफ अनुराधा प्रसाद के कार्य ‘साथी हाथ बढ़ाना’ की मुहिम की सेमिनार में सराहना की गयी एवं उनके इंडोअरब हेल्पिंग हैंडस् के समर्थन व सहयोग के लिये धन्यवाद दिया गया। सेमिनार का कुशलसंचालन कनाडा से डॉ.नायला सईद एवं जेद्दा से असद अली ने किया, प्रश्नकालडॉ. शुआ आसिफ और प्रश्नों का संयोजन नासिर जमाल ने किया। मेहमानो का धन्यवाद खलीकुर्रहमानसाहब ने किया। पूरे कार्यक्रम का ऑनलाइन संचालन इमरान कैसर,कमर सादा एवं नौशाद साहब ने किया।
भोपाल मे बजरंगी भाईजान के नाम से मशहूर सैयद आबिद हुसैन ने भी इस प्रोग्राम मे हिस्सा लिया। इससे पूर्व के दिनों में इंडो अरब हेल्पिंग हैंडस् की टीमने लाजवाब काम किया है। कोविड-19 महामारी के दौरान इंडोअरब हेल्पिंग हैंडस् ने मरीजों और उनकेपरिजनों को ट्विटर, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके रात-दिन जरूरतमंदों को मदद पहुंचाने का काम किया है।

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