ऑक्सीजन प्लांट पर लिक्विड ऑक्सीजन की गाड़ी न आने से खड़ा हो सकता है भारी संकट

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ऑक्सीजन प्लांट पर लिक्विड ऑक्सीजन की गाड़ी न आने से खड़ा हो सकता है भारी संकट

टाण्डा अम्बेडकरनगर। जनपद के एकमात्र ऑक्सीजन प्लांट विश्वकर्मा आक्सीजन डिस्ट्रीब्यूटर में लिक्विड ऑक्सीजन की गाड़ी ना आने से स्थानीय प्रशासन ने ताला बंद कर बची हुई आक्सीजन गैस को सुरक्षित कर लिया है। प्रशासन की इस प्रक्रिया से आक्सीजन को लेकर पूरे क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। दूर दराज व आस पास के जनपदों से आये लोगों को कई घण्टे लाइन में सिलेंडर लेकर लगे रहने के बाद मायूसी हाथ लगी और उन्हें वापस जाना पड़ा। मौजूदा समय में प्राइवेट अस्पतालों व घरों पर इलाज करा रहे मरीजों के जीवन पर संकट मंडराने लगा है और उन्हें मरने हेतु छोड़ दिया गया है। ज्ञातव्य हो कि ऑक्सीजन गैस रिफिलिंग प्लांट विश्वकर्मा ऑक्सीजन डिस्ट्रीब्यूटर जो कि नगर के मोहल्ला कमरिया में स्थित है पर आज आक्सीजन की लिक्विड की गाड़ी नहीं आ पाई। प्रशासन ने अपनी जवाब देहि से बचने हेतु सरकारी अस्पतालों हेतु बची हुई आक्सीजन को रिजर्व कर लिया । आज सुबह में जब लोग पहुंचे और अपने अपने मरीजों के सिलेंडरों को भरवाने के लिए रोज की भांति बड़ी संख्या में पहुंचे और लाइन में लगा कर खड़े हो गए । थोड़ी देर बाद उन्हें बताया गया कि आज गैस की गाड़ी ना आप आने के कारण मरीजों को सीधे तौर पर रिफिल करने की कार्य वाही बन्द रहेगी। हालांकि ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट पर दोपहर में सत्ताधारी दल के नेता व एस डी एम टाण्डा पहुंचे लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से परहेज किया और केवल इतना कहा की असक्सीजन जो बची है वह मेडिकल कालेज व जिला अस्पताल के लिए है। सीधे तौर पर प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों और होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन गैस कब उपलब्ध हो सकेगी इस बारे में भी ना तो प्रशासन और ना तो रिफलिंग प्लांट प्रबंधन ही कुछ बता रहा है । फिलहाल मरीजों के परिजन काशी परेशान नजर आ रहे हैं। गौरतलब हो कि जनपद सुल्तानपुर ,बस्ती ,जौनपुर के बीच मे मात्र अम्बेडकर नगर के टाण्डा में एक मात्र आक्सीजन रिफिलिंग प्लांट लगा है जहां टैंकर से लिक्विड ऑक्सीजन लाकर सिलेंडर में ऑक्सीजन गैस रिफिल की जाती है और जिसकी क्षमता 20 टन की है। वर्तमान समय मे आसपास जिले में सप्लाई के साथ जिला अस्पताल व महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज सददरपुर व केविड एल 2 अस्पताल टाण्डा को गैस की सप्लाई दी जा रही थी। हालांकि स्थानीय मेडिकल कॉलेज मैं आक्सीजन गैस सप्लेसी का ठेका प्रयागराज की एक कम्पनी का है जिसने इस महामारी में हाथ खड़ा कर लिया और इसी कारण विश्वकर्मा ऑक्सीजन डिस्ट्रीब्यूटर काफी बोझ बढ़ गया है। इस मामले में विश्वकर्मा डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि बोकारो प्लांट से लिक्विड का टैंकर 20 टन लिक्विड लेकर आया था जिसमे 10 टन ही टाण्डा में उतारा गया बाकी 10 टन लिक्विड सन्त कबीर नगर जिले में लगे प्लांट को भेजी गई । यदि शासन प्रशासन समय से लिक्विड पूरी मात्रा में मिलती रहे तो आक्सीजन की कमी नही होगी। रविवार को प्राइवेट अस्पतालों और होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए ऑक्सीजन प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा सका है और क्षेत्र में स्थिति भयावह होती नजर आ रही है।

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