मास्‍क के सहारे कोरोना से जंग लड़ रहा स्वास्थ्य महकमा व प्रशासन , अभी तक नहीं हो सका क्षेत्र में सेनेटाइजेशन

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मास्‍क के सहारे कोरोना से जंग लड रहा स्वास्थ्य महकमा व प्रशासन

अभी तक नहीं हो सका क्षेत्र में सेनेटाइजेशन

गांवों में गन्दे पानी से बज बजाती नालियां संक्रामक रोगों को दे रही दावत

आलापुर–अम्‍बेडकरनगर। कोरोना के बढते संक्रमण को कम करने के लिए शुक्रवार रात 8 बजे से सोमवार सुवह 8 बजे तक हुए सम्‍पूर्ण लाकडाउन के दौरान क्षेत्र में कहीं भी सेनेटाइजेशन नहीं हुआ। जबकि प्रदेश सरकार ने सेनेटाइज कराने का निर्देश भी दिया है। बावजूद इसके क्षेत्र में कोरोना के पाजिटिव आ चुके मरीजों के घरों पर भी सेनेटाइज न होने से लोगों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। सूत्रों की माने तो अस्‍पतालों पर अभी तक छ्‍डिकाव के लिए सेनेटाइजर की आपूर्ति ही न हो पाना बाताया जा रहा है। वही मास्‍क लगवाने तक ही महकमा सीमित दिखाई दे रहा है। इसके अतिरिक्‍त कोरोना महामारी के चल रहे दौर में क्षेत्र के ग्रामीणांचलों में गांवों की सफाई व्यवस्था पर प्रशासनिक दृष्टि न पड़ने से शासन की मंशा पर जहां पानी फिर रहा है वहीं गांवों में गन्दगी का अम्बार होने से तरह तरह की संक्रामक बीमारियां जन्म ले रही है। गांवों में सफाई के लिए नियुक्त कर्मी पंचायत चुनाव में ही व्यस्त बताये जा रहे है। ऐसे में गांवों की सफाई से कर्मियों के मुंह मोड़ लेने से गंाव की नालियां मच्छरों की उत्पत्ति का केन्द्र बन गयी है।
बता दें कि पूरा देश जहां कोरोना महामारी के दौर से गुजर रहा हैं वहीं लगातार कोरोना पाजिटिव केसों की संख्‍या में काफी बृद्धि हो रही है। प्रशासन और स्‍वास्‍थ्‍य महकमा अभी तक क्षेत्र को सेनेटाइज कराने में फिक्रमंद नहीं दिख रहा है। चर्चा है कि क्षेत्र में अब तक पाजिटिव आ चुके कोरोना संक्रमितों के घरों पर महज कोविड का पोस्‍टर लगाकर कंटेनमेंण्‍ट जोन ही घोषित करने तक व्‍यवस्‍था सीमित रही है। हलांकि प्रदेश सरकार ने क्षेत्रों को सेनेटाइज करने का निर्देश भी दिया था लेकिन क्षेत्र में कही भी सेनेटाइज के छ्‍डिकाव की जानाकरी नहीं मिल सकी। कोरोना के बढते संक्रमण से लोग काफी भयभीत है। वही मास्‍क लगवाने तक ही महकमा सीमित दिखाई दे रहा है।


वहीं क्षेत्र के सभी गांवों जलनिकासी की नालियों की सफाई न होने से गन्दे पानी से बज बजाती नालियां संक्रामक रोगों की वाहक बनती दिख रही है। सरकार एक तरफ गांवों की साफ सफाई हेतु लाखों रूपये पानी की तरह बहा रही है फिर भी सफाइकर्मी अपने कार्यो से मुंह मोड़े होने से शासन को ठेंगा दिखा रहे है। भीषण गर्मी के मौसम में जहां स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते अभी तक गांवों में कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव तक नहीं हो सका वहीं गन्दगी व मच्छरों की भारी संख्या होने से तरह तरह की बीमारियां जन्म ले रही है। गन्दगी के तरफ से प्रशासन के उदासीनता बरतने से संक्रामक रोगों के फैलने की प्रबल आशंका बनी हुई है।

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