कोरोना महामारी के चल रहे दौर में कागजों तक सिमटी गांवों की स्वच्छता व्यवस्था

1 min read

कोरोना महामारी के चल रहे दौर में कागजों तक सिमटी गांवों की स्वच्छता व्यवस्था

आलापुर-अम्बेडकरनगर। कोरोना महामारी के चल रहे दौर में क्षेत्र के ग्रामीणांचलों में गांवों की सफाई व्यवस्था हेतु तैनात किये गये सफाईकर्मियों पर प्रशासनिक दृष्टि न पड़ने से शासन की मंशा पर जहां पानी फिर रहा है वहीं गांवों में गन्दगी का अम्बार होने से तरह तरह की बीमारियां जन्म ले रही है। गांवों में सफाई के लिए नियुक्त कर्मी पंचायत चुनाव में ही व्यस्त बताये जा रहे है। ऐसे में गांवों की सफाई से कर्मियों के मुंह मोड़ लेने से गाँव की नालियां मच्छरों की उत्पत्ति का केन्द्र बन गयी है। सभी गांवों में गन्दे पानी से बज बजाती नालियां इन सफाई कर्मियों की लापरवाही उजागर कर रही है। सरकार एक तरफ गांवों की साफ सफाई हेतु लाखों रूपये पानी की तरह बहा रही है फिर भी सफाइकर्मी अपने कार्यो से मुंह मोड़े होने से शासन को ठेंगा दिखा रहे है। भीषण गर्मी के मौसम में जहां स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते अभी तक गांवों में कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव तक नहीं हो सका वहीं गन्दगी व मच्छरों की भारी संख्या होने से तरह तरह की बीमारियां जन्म ले रही है। गन्दगी के तरफ से प्रशासन के उदासीनता बरतने से संक्रामक रोगों के फैलने की प्रबल आशंका बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

कॉपीराईट एक्ट 1957
के तहत इस वेबसाईट
पर दी हुई सामग्री को
पूर्ण अथवा आंशिक रूप
से कॉपी करना एक
दंडनीय अपराध है

(c) अवधी खबर -
सर्वाधिकार सुरक्षित