सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर किसान अपने फसल की वाजिब मूल्य पाने के लिए क्रय केंद्रों पर चक्कर लगाने को मजबूर

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सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर किसान अपने फसल की वाजिब मूल्य पाने के लिए क्रय केंद्रों पर चक्कर लगाने को मजबूर

अम्बेडकरनगर। जिले में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर किसान अपने फसल की वाजिब मूल्य पाने के लिए क्रय केंद्रों पर चक्कर लगाने को मजबूर हो रहा है। सरकार द्वारा भले ही जिला स्तर पर जिला अधिकारी के नेतृत्व में खरीद केंद्र का निर्धारण भले ही कर दिया गया हो लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते किसानों को क्रय केंद्रों से आकर मायूस वापस लौटना पड़ रहा है। मामला अकबरपुर तहसील क्षेत्र के पीसीएफ द्वारा संचालित गेहूं क्रय केंद्र सहकारी संघ कटेहरी विभागीय लापरवाही के कारण से खरीद ठप है। खरीद ना होने के कारण के बारे में प्रभारी से ली गई तो बताया कि हमारे खरीद केंद्र अंतर्गत 20 गांव के किसानों से गेहूं को खरीदने के लिए की निर्धारित भी किया गया है। लेकिन किसानों का गेहूं खरीदने में हम असमर्थ हैं क्योंकि हमारे क्रय केंद्र की गांव से मैपिंग जीवो टैगिंग ना होने के कारण से खरीद ठप्प बता रहा है। जब की इसके बारे मे गांव को मैपिंग कराने के लिए पत्र भी दिया गया लेकिन आजतक मैपिंग नही हो पाया। जिससे मजबूरन हमको खरीद ठप करना पड़ा। वही रोजाना किसानों को समझा-बुझाकरभेज दिया जाता है की अगले दिन आइए तब तक शुरू हो जाएगा लेकिन कुछ भी होता ना देख किसान भी प्रभारी से नोक झोक करके चले जाते है। इस सम्बन्ध मे जब जिला खाद्य बिपणन अधिकारी राजेश कुमार से किया गया और जब पूछा गया की सहकारी संघ कटहरी पर खरीद नही हो पा रही है तो उन्होंने ने फोन ही कट कर दिया।

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