आखिर कब होगी अवैध रूप से संचालित हो रहे नर्सिंग कॉलेजो के खिलाफ कार्यवाही

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अवधी खबर

अंबेडकरनगर।जनपद में कई दर्जन नर्सिंग कॉलेज पिछले कई वर्षों से काम कर रहे है और इच्छुक नर्सिंग उम्मीदवारों से झूठा वादा किया जाता है कि यह एक अनुमोदित संस्थान है, और पाठ्यक्रम के अंत में उन्हें डिप्लोमा दिया जाएगा। निजी नर्सिंग और शिक्षा कॉलेज, बाहर से देखने पर स्थायी रूप से बंद नजर आता है।लेकिन हर साल सैकड़ों छात्र यहां से डिग्री लेकर निकलते हैं।लेकिन छात्रों के लिए न तो किसी तरह की कोई कक्षाएं आयोजित की जाती हैं और न ही अस्पतालों का कोई व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।दरअसल यहां फर्जी डिग्री बेची जा रही है।जनपद में अकेले नर्सिंग और मेडिकल संबंधित डिप्लोमा कॉलेज नहीं हैं जो अंबेडकरनगर जनपद में इस तरह के नर्सिंग कॉलेज चला रहे हैं। उनके जैसे और भी बहुत से लोग हैं जिन्होंने फर्जी डिग्रियां बेच कर बेहिसाब संपत्ति अर्जित की है।इन कॉलेजों के पास न तो तो स्थायी शिक्षक हैं, न ही डॉक्टर और न ही छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए किसी अस्पताल से जोड़ा गया हैं।जबकि नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए ये अनिवार्य शर्तें होती हैं।लेकिन इसके बावजूद यहां से हर साल सैंकड़ों छात्रों को नर्सिंग की डिग्री जारी की जाती है।इन संस्थानों से निकले छात्रों के पास वैध डिग्री भी नहीं होती है। लेकिन क्लास में नर्सिंग की पढ़ाई या अस्पताल में प्रशिक्षण का कोई अनुभव नहीं है पर फिर भी उन्हें सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल करने का लाइसेंस मिल जाता है.हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इन फर्जी नर्सिंग कॉलेजों ने जिला प्रशासन की नजर नहीं पड़ रही है। तथ्य यह है कि एक ही जिले में इतने सारे छात्र नर्सिंग और मेडिकल संबंधी डिप्लोमा की डिग्री हासिल कर रहे हैं। इसकी जांच पड़ताल की जानी चाहिए।यह कहना गलत नही होगा कि निरीक्षण टीम नर्सिंग कॉलेजों के इशारों पर काम करती हैं।लेकिन इससे सभी कॉलेजों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो जाता है।जब छात्र ट्रेनिंग और नौकरी के लिए अस्पतालों में ज्वाइनिंग के लिए गए और वेरिफिकेशन करने पर पता चलता है कि उनका सर्टिफिकेट वैध नहीं है। इन कॉलेजो को किसी मेडिकल यूनिवर्सिटी या आईएमए से मान्यता नहीं मिली थी।दिलचस्प बात यह है कि किसी भी छात्र को रजिस्टर नंबर, रोल नंबर आदि नहीं दिया जाता। फर्जी नर्सिंग कॉलेज छात्रों और अभिभावकों से लाखों की वसूली कर 1 या 2 साल 3साल की अवधि के पाठ्यक्रम चला रहे है।इन फर्जी नर्सिंग कॉलेजों के माध्यम से लगभग कई हजार छात्रों को ठगा गया है, जिससे भारी समय और धन की हानि हुई है।पूरा मामला उजागर होने के बाद भी स्वास्थ्य महकमा कार्यवाही करने से दूर भाग रहा है।

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