मुख्यमंत्री से हुई लेखपाल की शिकायत, शिव काली जागरण समिति को जाने वाले रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग

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भीटी अम्बेडकरनगर। लेखपाल द्वारा लगाई गई गलत रिपोर्ट एवं भीटी महरुआ मुख्य मार्ग से ग्राम सुखईपुर तथा शिवकाली जागरण समिति को जाने वाली सड़क की सही नाप तथा काली मंदिर परिसर के अतिक्रमण को हटाए जाने की मांग समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत पत्र भेजकर किया है। आपको बता दे भीटी महरुआ मुख्या मार्ग से ग्राम सुखईपुर को जाने वाली सड़क की नाप के लिए उपजिलाधिकारी भीटी को बीते 20 मई को पेश होकर सड़क की नाप के लिए प्रार्थना पत्र समिति के सदस्यों द्वारा दिया गया था।जिसके बाद जनसुनवाई पर दुबारा शिकायत की गयी थी। जिसपर स्थानीय लेखपाल जितेंद्र कुमार यादव द्वारा शिकायती पत्र को गंभीरता से न लेते हुए फर्जी रिपोर्ट बनाकर समाधान कर दिया गया था जबकि जन सुनवाई पर उपजिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में लिखी गयी बातो का ध्यान नहीं दिया गया। शिकायती पत्र में मुख्य मार्ग तथा शिव काली परिसर में अतिक्रमण को हटाने की बात कही गयी थी।लेकिन लेखपाल जितेंद्र कुमार यादव द्वारा बताया गया कि शिकायत असत्य है और सड़क और शिवकली परिसर में कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है। जिससे समिति के लोगो में काफी रोष है और समिति ने मांग की है कि भीटी महरुवा मुख्य मार्ग से ग्राम सुखईपुर को जाने वाली सड़क कि सही माप करते हुए सड़क के अतिक्रमण को हटाया जाये और सड़क के हिस्से में आने वाली जमीन की मार्किंग करके सीमित किया जाये। जिससे दुबारा अतिक्रमण न किया जा सके साथ ही शिवकाली मंदिर परिसर को साफ़ सुथरा करवाकर परिसर के अतिक्रमण को हटाया जाना अति आवश्यक है। जिसके लिए कम से कम तीन लेखपालों कि संयुक्त टीम द्वारा उच्चाधिकारियों कि मौजूदगी में यह कार्य होना सुनिश्चित करने और सही नाप करते हुए सड़क के दोनों तरफ पत्थर लगवाने की मांग समिति के सदस्यों ने की है। जिससे अतिक्रमणकारियों द्वारा दुबारा अतिक्रमण कारित न किया जाये।

समिति के सदस्यों ने लेखपाल जितेंद्र कुमार यादव पर भी लगाए गंभीर आरोप

उक्त मामले में लेखपाल जितेंद्र कुमार यादव द्वारा अतिक्रमणकारियों से मिलीभगत का गंभीर आरोप समिति के पदाधिकारियों द्वारा लगाया गया है जिसमे अतिक्रमणकारियों से मिलीभगत करके फर्जी आख्या लगायी गयी है। समिति ने मांग किया है कि उक्त लेखपाल जितेंद्र कुमार यादव पर उचित कार्यवाही करने की जाय। साथ ही लगभग पांच महीने बाद भी उपजिलाधिकारी भीटी द्वारा क्या कार्यवाही की गयी है। इसकी समीक्षा होना भी आवश्यक है l

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