अल्लाह जिसे चाहता है उसे श्रेष्ठता प्रदान करता है : मौलाना मोहम्मद असगर

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अल्लाह जिसे चाहता है उसे श्रेष्ठता प्रदान करता है : मौलाना मोहम्मद असगर

अंबेडकरनगर। परवर दिगार कुरान में इरशाद फरमाते हैं मेरे हबीब कह दो बेशक फज्ल यानी श्रेष्ठता अल्लाह के हाथ में है। अल्लाह जिसे चाहता है उसे फज्ल अर्थात श्रेष्ठता प्रदान कर देता है। वास्तव में फज्ल, फजीलत के एक भाग का नाम है। यह तथ्य मौलाना मोहम्मद असगर शारिब ने प्रस्तुत किया।
वह मीरानपुर में दिलवर हुसैन नफीस द्वारा मरहूम बब्बन हुसैन इब्ने सफदर हुसैन के पुण्य के लिए आयोजित वार्षिक मजलिस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मौलाना शारिब ने आगे कहा जिसके दामन में फजीलतों या उपकारों का अंबार हो तो कहा जा सकता है कि इनके पास ईश्वर की ओर से उपकार का भंडार है। क्योंकि फज्ल सिर्फ अल्लाह के पास है। मोमिनीन को कोई नेअमत अल्लाह की ओर से मिले तो फज्ल और अमीरूल मोमिनीन को मिले तो अबुल फज्ल कहा जाता है। मौलाना शारिब ने अपना बयान इस पंक्ति से खत्म किया
ये मजलिसे गम जुल्म मिटाने के लिए है, दुनिया को रहे रास्त दिखाने के लिए है।
शायरे अहलेबैत कमर अकबरपुरी, मौलाना अकबर अली, जैहबी, अमन जाफरी ने पेशखानी तथा मीसम अकबरपुरी एवं डा. आमिर अब्बास लकी व सज्जाद अस्करी जमन ने सोजखानी किया। अंत में रजा अनवर, सादिक हुसैन, ताजीम अली, काजिम, फिरोज, इमरान ने अपने समय के नामचीन शायर नसीम अकबरपुरी का मशहूर कलाम हाय शहे करबला पढ़ा तो अजादार गमगीन हो गए। यासिर हुसैन, मेहदी रजा, रेहान अब्बास, वसी, अज्मी आदि ने अतिथियों की भरपूर आवभगत किया।

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