वतन से मोहब्बत ईमान की निशानी है : नूरूल हसन

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वतन से मोहब्बत ईमान की निशानी है : नूरूल हसन

अंबेडकरनगर। जलालपुर तहसील क्षेत्र का मौजा मछलीगाँव रातभर या हुसैन की सदाओं से गूंजता रहा। अंजुमन असगरिया के तत्वावधान में 16 मोहर्रम का वार्षिक मातमी जुलूस सोमवार रात्रि एक बजे तक जारी रहा। जिसमें प्रसिद्ध मातमी दस्ते अंजुमन गुलशने इस्लाम भौंरा, अंजुमन रौनके अजा जलालपुर, अंजुमन जुल्फेकारिया जलालपुर, अंजुमन मोईनुल अजा दाऊदपुर, अंजुमन नासिरुल अज़ा कटघर कमाल सहित अन्य अंजुमनों ने नौहोमातम और आंसुओं से करबला के महान बलिदानियों को नजराना पेश किया।
अंजुमन असगरिया के पूर्व सचिव शीबू रिजवी ने बताया कि जुलूस साढ़े सात बजे मौलाना नूरुलहसन की तकरीर से शुरु हुई। मौलाना ने संबोधित करते हुए कहा कि वतन से मोहब्बत ईमान की निशानी है। यह बात पवित्र कुरान से साबित है। जुलूस में प्रमुख रूप से एहतेशाम हैदर, तौहीद, कुमैल रिजवी, आसिफ, शजी, अकबर, गाजी, जैन आदि की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम में दूरदराज से आए अतिथियों की जमकर आवभगत की गई। प्रशासनिक सहयोग हेतु शीबू रिजवी ने आभार जताया।

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