कुलसूम का नौहा था ये रो-रो के बरादर….

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कुलसूम का नौहा था ये रो-रो के बरादर….

अंबेडकरनगर। नगर के बड़ा इमामबाड़ा मीरानपुर से अंजुमन अकबरिया और मोहल्ला अब्दुल्लाहपुर के कटरिया हाउस से सैय्यद मोहम्मद हसन जैदी उर्फ मुन्ना आदि की ओर से 8वीं मोहर्रम का परम्परागत अलम, ताबूत व दुलदुल जुलूस रविवार को नौहा मातम, छप्पन छुरी के साथ संपन्न हुआ। फौव्वारा तिराहा से शहजादपुर चौक लोहिया मूर्ति तक भारी भीड़ उमड़ी। अहिराना-मीरानपुर में गैर मुस्लिम महिलाओं एवं पुरुषों ने तबर्रुकात के दर्शन कर मनौती मानी और हार-फूल चढाए। शहजादपुर मार्केट में कुछ फासले पर अंजुमन अकबरिया व अंजुमन हैदरिया के दस्तों ने निरंतर घंटों मातम किया। अकबरिया के नौहाखान मिर्जा वसी हसन, रजा अनवर, ताजीम अली, काजिम, असरार ने जहां शायरे अहलेबैत बर्क लखनवी, आकिल फैजाबादी, मद्दाह फैजाबादी, कमर अकबरपुरी, मुबारक जलालपुरी, कासिद अकबरपुरी, असर अकबरपुरी के नौहे तथा हैदरिया अब्दुल्लाहपुर के मशहूर नौहाख्वां हसन अलवी अब्दुल्लाहपुरी ने जनपद के वरिष्ठ शायर अंसर जलालपुरी का कलाम प्रस्तुत किया। दोपहर बाद कुलसूम का नौहा था ये रो-रो के बरादर अब्बासे दिलावर की सदा के साथ जुलूस बड़ा इमामबाड़ा पहुंचा तो परिसर खचाखच भर चुका था। अंजुमन के पदाधिकारी और वरिष्ठ लोगों में शामिल सैय्यद सज्जाद हुसैन, सरवर जैदी, दिलवर हुसैन, मेहदी रजा, असरार हुसैन, कल्बे हसन, अय्यूब खान, यासिर हुसैन, रजा अनवर, रेहान जैदी, अजीज मेहदी, कमर अब्बास, मेहदी हसन आदि ने जुलूस की अगुवाई किया। स्थानीय पुलिस की लापरवाही से ट्रैफिक कंट्रोल खराब रहा जिससे काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। समाजसेवी हाजी सलीम अहमद द्वारा शरबत और ठंडे पानी की लगाई गई सबील से लोगों ने अत्यधिक राहत महसूस किया।

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