दहियावर गांव में या हुसैन या अब्बास की सदाव के साथ निकला सात मोहर्रम का जुलूस

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दहियावर गांव में या हुसैन या अब्बास की सदाव के साथ निकला सात मोहर्रम का जुलूस

अम्बेडकरनगर, शबीह अब्बास सीबू (अवधी खबर)।दहियावर गांव में सात मोहर्रम का जुलूस कदीम चौक से या अब्बास की सदाव के साथ अपने कदीम रास्ते से होता हुआ। कर्बला पहुंचा सात मोहर्रम की तारीख इमाम हुसैन के भाई हज़रत अब्बास से मंसूब है हज़रत अब्बास को हज़रत अली ने अपनी दुवाव में अल्लाह से मांगा था हजरत अली ने अपनी दुआओं में कहां अल्लाह मुझे एक ऐसा सूजा फर्जंद दे जो कर्बला में मेरे लाल हुसैन कि नुसरत कर सके। हजरत अब्बास अपने वालिद हजरत अली की तरह बहादुर थे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम हजरत अब्बास को जंग की इजाजत नहीं दी। बल्कि यह कह के रोकते थे अब्बास अभी कर्बला नहीं है कर्बला में जब हजरत अब्बास ने जंग की इजाजत मांगी तो इमाम हुसैन क्या कह कर मना करते अभी तक तो मौला अब्बास को यह कहकर रोका अभी कर्बला नहीं है इमाम अपनी बहन जैनब के पास गए और कहने लगे एं बहन अभी तक मैं अब्बास को यह कह कर रोकता था कि अभी कर्बला नहीं है। अब आप जाएं और अब्बास को जंग से रोके बहन अब्बास के पास आयी और कहा भाई अब्बास आका हुसैन की मर्जी नहीं है की जंग हो अब्बास ने हुकमे इमामत को माना सात मोहर्रम को इमाम हुसैन पर पानी बंद कर दिया गया। खेमे ए हुसैनी में जब बच्चे अला तस अला तस कि सदा बुलंद कर रहे थे मौला अब्बास को पानी लाने के लिए नहरे फरात पर जाने की इजाजत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से मिली। अब्बास फरात से पानी भरकर वापस आ रहे थे तभी फोजे यजीद एक साथ मिलकर अब्बास पर हमला करके नहरे फरात के किनारे दस मोहर्रम को कत्ल कर दिया। इन्हीं की याद में हर वर्ष मोहर्रम में अलम उठता है बाद ए रसूल उम्मत ने नबी के घर वालों पर जुल्मों सितम की इम्तिहा कर दी फोजे यजीद ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के 6 महीने के बच्चे अली असगर को भी कत्ल कर दिया मोहर्रम जुल्म के आगे सर झुकाने का नाम नहीं है। इमाम हुसैन हुसैन अलैहिस्सलाम ने रहती दुनिया तक एक पैगाम दे दिया जालिम के आगे सर झुकाने से अच्छा है सर कटवा देना।

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