शिक्षा से ही खुल सकते हैं तरक्की के द्वार : मौलाना अकबर अली

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अंबेडकरनगर। दीन से गुमराह होने वाले लोग कयामत के दिन बेशक घाटे में रहेंगे। अल्लाह के इस फरमान को हमेशा याद रखना रखना होगा। उक्त विचार पेशइमाम जामा मस्जिद मौलाना अकबर अली वाएज जलालपुरी ने रविवार को मीरानपुर स्थित बड़ा इमामबाड़ा राजा साहब, अजाखाना चौधरी सिब्ते मोहम्मद नकवी और अजाखाना मरहूम शाहिद हुसैन खान में पहली मुहर्रम की मजलिसों को संबोधित करते हुए व्यक्त किया। उन्होंने हदीस के हवाले से कहा उच्च शिक्षा हासिल करो यही एकमात्र चाभी है जिससे तरक्की के द्वार खुल सकते हैं। इसी क्रम में मौलाना मोहम्मद जुहैर बाजिदपुरी ने अली रहबर तकवी, अजाखाना इफ्तेखार हुसैन तथा कल्बे आबिद पप्पू के अजाखाने में नियमित मजलिसें पढ़ीं। उन्होंने कहा शत्रुता व ईर्ष्यापूर्ण भाव के साथ फर्शे मजलिस पर आना व्यर्थ है। मजलिसे हुसैन नफरत नहीं बल्कि प्रेम, सादगी, सद्व्यवहार और शिष्टाचार पालन का संदेश देती है। उधर शनिवार को माहे मोहर्रम का चांद नमूदार होते ही जनपद भर में मजलिसो मातम और अजादारी का दौर शुरु हो गया। चांदरात को महिलाओं ने सुहाग की निशानी चूड़ियां तोड़ कर आगामी 68 दिनों तक मांगलिक कार्यों से विरत रहने का प्रण किया। अजादारों ने रंगीन वस्त्र त्याग कर स्याह लिबास धारण किए।इमामबाड़ों में अलम, ताबूत, हजरत अली असगर का झूला, आबिदे बीमार का बिस्तर, छोटे ताजिए आदि सजा दिए गए।

जुलूस वूरुदे कर्बला सोमवार को :

अंजुमन अकबरिया के तत्वावधान में बड़ा इमामबाड़ा राजा साहब मीरानपुर से दूसरी मुहर्रम का बड़ा जुलूस रात्रि 10 बजे से शुरू होगा। संस्था के अध्यक्ष रेहान जैदी के मुताबिक उक्त कार्यक्रम में जनपद मऊ, आजमगढ़ के अलावा जलालपुर व स्थानीय मातमी दस्ते सम्मिलित होंगे। मौलाना नूरूल हसन रिजवी और मौलाना गुलाम मुर्तुजा जैदी तकरीर करेंगे।

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