इमाम हुसैन का उद्देश्य था मानव मूल्यों की हिफ़ाज़त : मौलाना मोहम्मद रज़ा रिज़वी

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अंबेडकरनगर। मजलिस इस्तेकबाल-ए-अजा का आयोजन नगर के मोहल्ला मीरानपुर में हुआ। पहली मजलिस मौलाना सैयद मोहम्मद रजा रिजवी ने हसन अस्करी मजलिसी के इमामबाड़े में और दूसरी मजलिस को मौलाना सैयद नदीम हसन नजफी ने इम्तियाज हुसैन के अजाखाने में संबोधित किया। मौलाना द्बय ने कहा गमे हुसैन में बेहद कशिश है। यही कारण है कि करीब साढ़े चौदह सौ वर्ष बाद भी कर्बला की याद आज भी तरोताजा है। चूंकि नवासए रसूल इमाम हुसैन इब्ने अली ने धर्म के साथ ही न्याय, मानवता की रक्षा और अन्याय, अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया इस लिए मुस्लिमों समेत दूसरे धर्मों के अनुयाई भी उनके प्रति अत्यंत सम्मान का भाव रखते हैं। दो मुहर्रम सन 60 हिजरी को महीने से कर्बला के लिए जब इमाम का काफिला चला था तब उन्होंने उद्देश्य बताते हुए कहा था हम लोग राजपाट या निजी लाभ के लिए नहीं अपितु अल्लाह तआला के सबसे प्रिय दीन व मानव मूल्यों की हिफाजत और अधर्म, अनाचार, आतंकवाद एवं समस्त सामाजिक बुराईयों के विरुद्ध बिगुल फूंकने जा रहा हूं। इसी क्रम में अमलदार हुसैन व सादिक हुसैन मुन्ना के आवास पर वार्षिक मजलिस संपन्न हुई।

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