लापरवाह 90 सचिवों का रोका वेतन

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अंबेडकरनगर। पंचायत सहायकों को कंप्यूटर व इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वाले करीब 410 ग्राम पंचायतों के 90 सचिवों पर जल्द ही सख्त कार्रवाई हो सकती है। लापरवाही बरतने पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित सचिवों के जनवरी के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। आदेश में कहा गया है कि यदि जल्द ही पंचायत सचिवों ने जरूरी सामान उपलब्ध कराकर काम न शुरू कराया तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। विभाग के इस सख्त रवैये के बाद सचिवों में हड़कंप मच गया है।जिले में कुल 902 ग्राम पंचायतें हैं।

बीते दिनों शासन के निर्देश पर इन ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की तैनाती की गई। इनका कार्य है कि वह सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने में आम नागरिकों की मदद करेंगे। विभिन्न योजनाओं में आवेदनों को ऑनलाइन करने के साथ ही ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं के बारे में जरूरी जानकारी देंगे। 902 ग्राम पंचायतों में से 895 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की तैनाती हो चुकी है। किन्हीं कारणों से जिले में सात ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक की नियुक्ति अधर में लटकी है।शासन का निर्देश था कि पंचायत सहायकों को पंचायत भवन पर तैनात किया जाए। उन्हें फर्नीचर के साथ ही कंप्यूटर, प्रिंटर व इंटरनेट की सेवा उपलब्ध करायी जाए।

इसकी जिम्मेदारी सभी पंचायत सचिवों को दी गई थी। जिले की 902 ग्राम पंचायतों का जिम्मा 163 ग्राम पंचायत सचिव संभाल रहे हैं। विभाग के कड़े रुख के बाद भी अब तक 410 से अधिक ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सहायकों को कंप्यूटर, प्रिंटर व इंटरनेट आदि की सुविधा नहीं उपलब्ध कराई गई। इसके चलते ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सहायक अब तक अपना मूल काम नहीं कर पा रहे हैं। बल्कि उनसे पंचायत के अन्य कार्यों में सहयोग लिया जा रहा है। पंचायत सहायकों को जरूरी उपकरण न मुहैया होने के मामले को न सिर्फ शासन ने गंभीरता से लिया था, बल्कि विभाग भी इसके लिए सख्त है।

ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेने के लिए बीते दिनों जिला पंचायत राज अधिकारी अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने पंचायत भवनों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि तमाम निर्देश के बावजूद जिले की लगभग 410 ग्राम पंचायतों में अब तक पंचायत सहायकों के लिए फर्नीचर के अलावा अन्य जरूरी सामान नहीं उपलब्ध कराया गया। इसमें खासकर कंप्यूटर, प्रिंटर व इंटरनेट की सुविधा है।

डीपीआरओ ने दोबारा निर्देश जारी किया, परंतु इसके बावजूद इन ग्राम पंचायतों में तैनात 90 सचिवों ने पंचायत सहायकों के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसे में अब जिला पंचायत राज अधिकारी ने ऐसे 90 सचिवों के जनवरी के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। आदेश में कहा कि यदि जल्द ही पंचायत भवनों में जरूरी सामान न उपलब्ध कराए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जब तक सचिवों की ओर से सामान उपलब्ध कराकर प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा, तब तक वेतन का भुगतान नहीं होगा। विभाग के सख्त रुख के बाद सचिवों में हड़कंप मच गया है।

सामान उपलब्ध कराने के बाद होगा भुगतान पंचायत सहायकों के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट सहित अन्य जरूरी सामान सचिवों को जल्द मुहैया कराना होगा। इसके लिए उन्हें निर्देश दिया गया है। जब तक सामान उपलब्ध कराकर जरूरी प्रमाणपत्र कार्यालय में जमा नहीं किया जाएगा, तब तक वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा। कार्य में लापरवाही के चलते 90 सचिवों का जनवरी का भुगतान रोका गया है।

-अवनीश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ

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